blogid : 542 postid : 695997

प्रणयोत्सव पर्व: उस अधूरे प्रेम पत्र को करें पूरा

Posted On: 29 Jan, 2014 Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

प्रिय पाठकों,


हम एक बार फिर यहां आपसे मुखातिब हो रहे हैं लेकिन इस बार का मुखातिब होना थोड़ा अलग है। नए वर्ष की शुरुआत सर्दियों से होती है। गर्म वस्त्र और ठंडी हवाएं कहीं अलसाई सी आहट देती हैं। इसके ठीक एक महीने बाद सर्दियों को विदाई देने की बेला में हवा की तासीर बदल चुकी होती है। जाती हुई हल्की ठंड और आती हुई गर्मियों की आहट की मिली-जुली वह बेला एक अलग ही अनुभूति देती है। हवा में एक अलग सा खुमार होता है। प्रेमी जोड़ों के लिए यह उल्लास का वक्त होता है। पश्चिमी देशों में इसी वक्त प्रेमी जोड़ों को समर्पित वैलेंटाइन उत्सव मनाया जाता है। भारत में यह शिशिर की विदाई और बसंत के आगमन की आहट का वक्त होता है। इसी वक्त के दौरान पौराणिक शास्त्रों में कामदेव की क्रीड़ा का उल्लेख किया गया है। इस तरह पश्चिम और पूरब दोनों के लिए यह प्रेमोल्लास का वक्त होता है। एक प्रकार से प्रकृति ने हमें नैसर्गिक रूप से एक ‘प्रणय माह’ दिया है जिसमें संपूर्ण प्राकृतिक वातावरण प्रेममय अनुभूति के साथ घटित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जागरण जंक्शन फरवरी के इस माह को ‘प्रेम माह’ के रूप में मनाते हुए ‘प्रकृति प्रेमोत्सव पर्व’ का आयोजन कर रहा है।


सरसता के आगमन का उल्लास तभी आएगा जब नीरसता जाएगी और नीरसता तभी जाएगी जब प्रेम भाव आएगा। हालांकि प्रेम के अर्थ अनेक हैं। किंतु प्रेम की प्रणय अभिव्यक्ति मासूम और नीरसता से परे एक भावनात्मक एहसास है। पर्व का आयोजन और शैली जाहिर है परिवेश और महत्ता के अनुकूल होती है। क्योंकि यह मंच रचनात्मकता का है और उत्सव प्रणय और प्रेम निवेदन का है इसलिए रचनात्मकता में इस प्रेम भाव के बिना नीरसता का भाव होगा।


अतः आप फरवरी माह में 28 दिनों के लिए जागरण जंक्शन मंच पर अपनी नीरसता को भूलकर एक सरस और भावात्मक रचनात्मक जीवन में उतरते हुए निम्न श्रेणियों में अपनी रचनाएं भेज सकते हैं:


1. यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति: मोबाइल और ई-कार्ड्स के जमाने में आज भले ही प्रेम पत्रों की कोई बहुत उपयोगिता नहीं रह गई हो लेकिन आकर्षण प्रेम का वह पक्ष है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। कभी न कभी, किसी न किसी के लिए आपने भी आकर्षण महसूस किया होगा। हो सकता है तब आपने कोई प्रेम पत्र लिखना चाहा हो और लिख न सके हों, हो सकता है आपने लिखा हो और कहीं किसी कोने में छुपाकर रख दिया हो या फाड़कर फेंक दिया हो। अब इस मंच पर आप अपने उस पुराने खत को पूरा कर सकते हैं। इस प्रेमोत्सव में आप चाहें तो अपनी प्रणय यादें, रचनाएं प्रेम-पत्र के रूप में लिख सकते हैं।

2. दिल से जुड़ी जो कहानी: प्रेम कहानियां जितनी लिखी और पढ़ी जाती हैं उनमें से कहीं ज्यादा असलियत में बनती हैं। इसके अंतर्गत सत्य या स्व-रचित प्रेम कहानियां दी जा सकती हैं।

3. प्रणय काव्य: काव्य का भावनाओं से और भावनाओं से प्रेम का गहरा संबध है। अगर आपकी भी प्रणय अभिव्यक्ति काव्य रूप में है तो यह आपके लिए ही है। अपने प्रेम काव्य प्रविष्टि के रूप में शामिल करें।

4.समभाव अभिव्यक्ति: अगर सामाजिक परिपेक्ष्य में इस प्रकृति प्रेमपर्व पर आपकी कोई राय है तो निम्न अभिव्यक्ति के अंतर्गत सामान्य आलेख के रूप में अपनी कृतियां शामिल कर सकते हैं:

-तथ्यात्मक विवरणी

-रचनात्मक आलोचना

-परंपराओं का तुलनात्मक अध्ययन (प्राच्य एवं पाश्चात्य)

-व्यंग्यात्मक शैली


नियम एवं शर्तें


अवधि: 1 फरवरी – 28 फरवरी 2014

अर्हता: जागरण जंक्शन रीडर सेक्शन के सभी वर्तमान सदस्य इस प्रतियोगिता के लिए पात्र हैं।

प्रविष्टियां: प्रतियोगिता की अवधि में उपर्युक्त में किसी भी श्रेणी के अंतर्गत प्रविष्टियां देने के लिए यूजर स्वतंत्र हैं। एक से अधिक श्रेणियों में, एक से अधिक कितनी भी प्रविष्टियां शामिल कर सकते हैं।

नोट: केवल प्रतियोगिता की अवधि के दौरान प्रकाशित रचनाएं/प्रविष्टियां ही मान्य होंगी। यदि कोई प्रतियोगी किसी पूर्व प्रकाशित रचना को प्रतियोगिता में शामिल करना चाहता है तो इसके लिए यूजर को पूर्व में प्रकाशित उस रचना का लिंक ज्यों-की-त्यों पेस्ट करने की बजाय उसे दुबारा प्रकाशित कर उसके लिंक को शामिल करना होगा। अन्यथा रचनाएं स्वयं ही प्रतियोगिता से बाहर समझी जाएंगी।


भाषा: केवल हिंदी भाषा में प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी।


*ब्लॉग पोस्ट नियम:

-ब्लॉग प्रकाशित करते हुए कैटगरी में Contest सेलेक्ट करें या शीर्षक में हिंदी या अंग्रेजी में Contest कॉंटेस्ट अवश्य लिखें।


-प्रतियोगिता के लिए प्रकाशित ब्लॉग (प्रविष्टि) पोस्ट का लिंक इस आमंत्रण ब्लॉग के रिप्लाई कॉलम में जाकर अवश्य पोस्ट कर दें।


चयन पद्धति: हर श्रेणी में तीन प्रशंसित प्रविष्टियां चुनी जाएंगी। प्राप्त प्रविष्टियों (ब्लॉग पोस्ट्स) का संपादक मंडल की अनुशंसा, अन्य ब्लॉगरों से प्राप्त सार्थक टिप्पणियों की संख्या तथा उनको मिले यूजर रेटिंग के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।


*विशेष सम्मान

प्रेम और प्रेमाभिव्यक्ति को किसी स्तर पर आंका नहीं जा सकता। फिर भी क्योंकि यह प्रतियोगिता है इसलिए हर श्रेणी से चुनी गई 3 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को निम्न उपाधि से सम्मानित किया जाएगा:

यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति: प्रणय भाव प्रवीण

दिल से जुड़ी जो कहानी: प्रेम गद्य रंजन

प्रणय काव्य: प्रेमरस कवि रंजन

समभाव अभिव्यक्ति: अभिव्यंजक श्रेष्ठ


अन्य:

-इस प्रतियोगिता में भारत समेत पूरे विश्व के प्रतियोगी हिस्सा ले सकते हैं।

-प्रतियोगिता की अवधि के दौरान पंजीकृत नए यूजर भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

-अभद्र, अश्लील, सामुदायिक, धार्मिक भावना को आहत करने वाले तथा व्यक्तिगत टिप्पणी या लांछन वाले ब्लॉग पोस्टस् को प्रतियोगिता के लिए अयोग्य समझा जाएगा।

-प्रतियोगिता के संबंध में किसी भी तरह के विवाद के लिए न्यायिक क्षेत्र ‘दिल्ली’ होगा.

-इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की समस्या/अन्य स्पष्टीकरण के लिए आप feedback@jagranjunction.com पर मेल कर सकते हैं।


नोट: प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आपको अलग से आवेदन करने या ब्लॉग बनाने की आवश्यकता नहीं है। जागरण जंक्शन पर पंजीकृत रीडर सेक्शन का कोई भी यूजर इसमें भागीदारी कर सकता है।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

Web Title : valentine's day blog contest invitation



Tags:                           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

120 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ritu Gupta के द्वारा
February 28, 2014
Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
February 28, 2014
Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
February 28, 2014
jlsingh के द्वारा
February 28, 2014

यह रचना “रूपसी, तुम पूर्णिमा की ज्योति पुंज!” पूर्व प्रकाशित है, थोड़ा सा परिवर्तित कर कांटेस्ट के लिए पुन: प्रकाशित कर रहा हूँ लिंक – http://jlsingh.jagranjunction.com/2014/02/28/%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF/

Dr Shobha Bharadwaj के द्वारा
February 28, 2014

क्या इसे प्रेम कहा जाये http://sobhaji.jagranjunction.com/2014/02/28/709712/ डॉ शोभा भरद्वाज

yamunapathak के द्वारा
February 28, 2014

यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति निर्जन टापू (कांटेस्ट) http://yamunapathak.jagranjunction.com/2014/02/28/%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F/ साभार

Ritu Gupta के द्वारा
February 25, 2014

प्यार के मायने - http://innerfeeling.jagranjunction.com/2014/02/25/प्यार-के-मायने-contest/

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
February 25, 2014

अधर-पुट पाटलों की पंखुड़ी …. प्रणय काव्य ( कांटेस्ट ) http://acharyagunjan.jagranjunction.com/2014/02/25/अधर-पुट-पाटलों-की-पंखुड़ी-क/

pratima gupta के द्वारा
February 25, 2014

मुझे प्यार से प्यार है…..(कांटेस्ट) http://pratima36.jagranjunction.com/2014/02/24/pyar-se-pyar/

Ritu Gupta के द्वारा
February 24, 2014

इंतज़ार-का-फल - http://innerfeeling.jagranjunction.com/2014/02/22/इंतज़ार-का-फल/

gopaljeesingh के द्वारा
February 24, 2014

http://gopaljeesingh.jagranjunction.com/2014/02/24/मृत्यु-में-भी-जीवन-हो/

ranjanagupta के द्वारा
February 23, 2014
ranjanagupta के द्वारा
February 23, 2014
ashokshukla के द्वारा
February 21, 2014

एक अधूरी पेंटिंग : दिल से जुड़ी जो कहानी (कहानी प्रतियोगिता प्रविष्टि) http://ashokshukla.jagranjunction.com/2014/02/21/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81/

yamunapathak के द्वारा
February 21, 2014
ashokshukla के द्वारा
February 21, 2014

एक अधूरी पेंटिंग : दिल से जुड़ी जो कहानी (कहानी प्रतियोगिता प्रविष्टि)    http://ashokshukla.jagranjunction.com/2014/02/21/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81/

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
February 20, 2014

मगर अतृप्त मन पनीर भी …. प्रणय काव्य ( कांटेस्ट )http://acharyagunjan.jagranjunction.com/2014/02/19/कहो-काव्यसुन्दरि/

ashokshukla के द्वारा
February 20, 2014

यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति कॉंटेस्ट श्रेणि में रचना,: शीर्षक ‘मोह पाश’ (हिंदी) लिंक है — http://ashokshukla.jagranjunction.com/2014/02/20/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%89%E0%A4%B8-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D/

yamunapathak के द्वारा
February 20, 2014

सत्य कहानी (सिर्फ नाम और जगह बदले गए हैं) समंदर ऐसा कभी नहीं करता.(कांटेस्ट) http://yamunapathak.jagranjunction.com/2014/02/20/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE/

neena के द्वारा
February 19, 2014
R K KHURANA के द्वारा
February 18, 2014

महोदय, मैं अपनी रचना “मेरे प्रियतम जागरण जंक्शन” यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति CONTEST के अंतर्गत प्रेषित कर रहा हूँ ! इसका लिंक निम्न है ! http://khuranarkk.jagranjunction.com/2014/02/18/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%AE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6/ राम कृष्ण खुराना

R K KHURANA के द्वारा
February 18, 2014

महोदय, मैं अपनी रचना “मेरे प्रियतम जागरण जंक्शन” यादों के लम्हों से प्रेमाभिव्यक्ति शीर्षक के अंतर्गत Contest में प्रेषित कर रहा हूँ ! जिसका लिंक निम्न है ! http://khuranarkk.jagranjunction.com/2014/02/18/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%AE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6/

yamunapathak के द्वारा
February 18, 2014

-रचनात्मक आलोचना प्रेम,प्यार,इश्क़,मोहब्बत में एक ‘अधूरे’ वर्ण की पहेली (कांटेस्ट) http://yamunapathak.jagranjunction.com/2014/02/18/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A5%98%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%A4/

vaidya surenderpal के द्वारा
February 17, 2014
Lavanya Vilochan के द्वारा
February 17, 2014

बहुत अच्छा लिखा है।

yamunapathak के द्वारा
February 17, 2014
Ritu Gupta के द्वारा
February 15, 2014
pratima gupta के द्वारा
February 15, 2014
pratima gupta के द्वारा
February 14, 2014
jalaluddinkhan के द्वारा
February 14, 2014
Charchit Chittransh के द्वारा
February 14, 2014
deepakbijnory के द्वारा
February 14, 2014

/deepakbijnory.jagranjunction.com/2014/02/14/प्रणय-निवेदन/8

ankeshphd के द्वारा
February 12, 2014

कांटेस्ट: प्रेम  http://ankeshwrites.jagranjunction.com/2014/02/12/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE/

अरुन शर्मा 'अनन्त' के द्वारा
February 12, 2014

प्रेम – प्रणय पुलकित मन का कोना कोना, दिल की क्यारी पुष्पित है. अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. मिलन तुम्हारा सुखद मनोरम लगता मुझे कुदरती है, धड़कन भी तुम पर न्योछावर हरपल मिटती मरती है, गति तुमसे ही है साँसों की, जीवन तुम्हें समर्पित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. चहक उठा है सूना आँगन, महक उठी हैं दीवारें, खुशियों की भर भर भेजी हैं, बसंत ऋतु ने उपहारें, बाकी जीवन पूर्णरूप से केवल तुमको अर्पित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. मधुरिम प्रातः सुन्दर संध्या और सलोनी रातें हैं, भीतर मन में मिश्री घोलें मीठी मीठी बातें हैं, प्रेम तुम्हारा निर्मल पावन पाकर तनमन हर्षित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है.

Ritu Gupta के द्वारा
February 10, 2014
Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
February 9, 2014

http://acharyagunjan.jagranjunction.com/2014/02/09/मगर-अतृप्त-मन-फिर-भी/ ( कांटेस्ट )

ashutoshshukla के द्वारा
February 9, 2014

सोचू मै क्यू रूठ गये जो जान छिड़कते थे हम पे दो रूह जो अब टकराती नही थी एक अभी कुछ दिन पहले.. ये नयन जो हैं तरसा करते उन दो नयनो के दर्शन को, जो करते थे दीदार हमेशा प्रियतम का कुछ दिन पहले….. कितना कोमल स्पर्श था उन अधरो का जब, बिन माँगे मोहब्बत मिलती थी बस अभी अभी कुछ दिन पहले… ये अधर जो हैं तरसा करते उन दो अधरो के चुंबन को, वो लट जो थी उलझी रहती सुलझाने को उनकी उलझन को, स्पर्श प्रथम उन अधरो का था मिला मुझे एक उपवन मे, दिल अब भी नही भूला है उसे ना भूलेगा इस जीवन मे मन मेरा नही उनका भी यही कहता होगा मन ही मन मे फिर क्यू करते हैं दिखावा वो उस दूरी की जो है ही नही वो आज भी मेरे हैं और कल भी बस मेरे ही रहेंगे जो मेरे थे बस मेरे थे कुछ दिन पहले कुछ दिन पहले….

प्रणय काव्य प्रविष्टि  http://shilpabhartiya.jagranjunction.com/2014/02/08/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A3-%E0%A4%95/

ikshit के द्वारा
February 7, 2014

प्रणय काव्य प्रविष्टि – Kavita : उनका बनकर! http://ikshit.jagranjunction.com/2014/02/06/%E0%A4%89%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%B0-contest/

yamunapathak के द्वारा
February 7, 2014
aditya upadhyay के द्वारा
February 7, 2014

Permalink: http://adityaupadhyay.jagranjunction.com/2014/02/07चाहत : एक कल्पना(प्रणय काव्य में) (contest)

Aniruddha Sharma के द्वारा
February 6, 2014
rekhafbd के द्वारा
February 6, 2014

बहार -[कविता] -Contest यह मेरी पूर्व प्रकाशित रचना है जिसका लिंक है http://rekhafbd.jagranjunction.com/2012/02/25/%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0/

adityaupadhyay के द्वारा
February 5, 2014

http://adityaupadhyay.jagranjunction.com/2014/02/05/प्रणय काव्य में:(कवितायेँ प्रेम की)(contest)

February 5, 2014

प्रेमगीत : काश कोई होता जिसको मुझसे भी प्यार होता pk21.jagranjunction.com/2014/02/05/काश-कोई-होता-जिसको-मुझसे-भ/

    raj के द्वारा
    February 5, 2014

    कास कोई मूझसे भी मोहबत करता 

sadguruji के द्वारा
February 4, 2014

दिल से जुड़ी जो कहानी-http://sadguruji.jagranjunction.com/2014/02/04/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%8F%E0%A4%95/

ramgopal bagla के द्वारा
February 4, 2014

पड़ कर  खुशी हुई

Aniruddha Sharma के द्वारा
February 4, 2014

प्रतियोगिता के लिए मेरी प्रविष्टि - लव लेटर http://seeani.jagranjunction.com/2014/02/04/love-letter/

koshal singh के द्वारा
February 3, 2014

boys

Ikshit के द्वारा
February 2, 2014
drshyamgupta के द्वारा
February 2, 2014

धन्यवाद करूण जी ….

drshyamgupta के द्वारा
February 2, 2014

कहानी - प्रविष्टि-नायिका …..

Kashmir Singh के द्वारा
February 1, 2014

इस ब्लॉग का सदस्य कैसे बन सकते हैं?

drshyamgupta के द्वारा
February 1, 2014

 प्रणय गीत ( प्रविष्टि) सुमुखि अब तो प्रणय का वरदान देदो ……

    Santlal Karun के द्वारा
    February 1, 2014

    आदरणीय डॉ. श्याम गुप्ता जी, आप की यह पहली प्रविष्टि है और आप का कवितामय प्रणय-निवेदन अति सुन्दर है | .. हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

Abid ali mansoori के द्वारा
January 30, 2014

हार्दिक स्वागत है!


topic of the week



latest from jagran