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फागुनी बहार प्रतियोगिता: आपके शहर की कहानी आपकी ही ज़ुबानी

Posted On: 3 Mar, 2014 Contest में

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अंग्रेजी कैलेंडर में मार्च का महीना और हिन्दी कैलेंडर में फागुन माह अपने आप में उत्साह और उल्लास का वक्त होता है। क्या ब्च्चे, क्या बूढे, औरत या मर्द, गांव हो या शहर; सरकारी दफ्तर या प्राइवेट फर्म, हर जगह फागुनी बयार के घेरे में होती है।


अगर गौर करें तो अपने आप में यह समय बहुत खास है। ‘फाल्गुन’ हिंदी कैलेंडर का आखिरी महीना है और होली के साथ हम नए साल चैत्र का स्वागत करते हैं। जहां कई छात्र अपने सेशन को खत्म कर नए भविष्य के सपने बुन रहे होते हैं वहीं कुछ लोग अपने व्यवसायों के लाभ और हानियां (फाइनेंशियल ईयर का एंड) गिन रहे होते हैं। कुछ नए साल (हिंदी कैलेंडर से) का उत्साह होता है तो कुछ रंगों के पर्व होली में डुबकी लगाने का उल्लास। इस पूरे विश्व के मानचित्र पर मार्च कई उत्सवों को एक साथ लाता है जो हमारे फागुन माह में भी साथ-साथ चलता है जैसे ह्यूमन राइट्स डे, विमेंस डे आदि-आदि।


जैसे हर इंसान की खासियतें अलग होती हैं वैसे ही स्थिति और परिवेश के अनुसार हर शहर का अपना रंग-ढंग होता है। फगुआ बहार भी सबके लिए अलग होता है। कंपकपाती ठंड को अलविदा कहने और चिलचिलाती धूप के आगमन के बीच अपनी ही मस्ती में डूबा यह जो फागुन है वह न सिर्फ आपके शहर के मौसम को नया रंग देता है बल्कि संस्कृति से जुड़ा यह माह आपके जीवन, समाज और आपके शहर के भी कई किस्से कहानियां बयां करता है।


खैर बात यहां न सिर्फ फागुन की हो रही है, न पर्वों की और न ही रंगों की। बात हो रही है आपके शहर की, जिसकी गलियों से कई लोक कथाएं, लोकगीत, सांस्कृतिक परंपराएं, साहित्यिक मस्तियां आवाज दे रही होती हैं इस फागुन में डुबकी लगाने के लिए। हमारा प्रयास है उन सारे रंगों और सभी संस्कृतियों को एक साथ लाएं जो आपके शहर को खास बनाती हैं फागुन में।


जागरण जंक्शन मंच इस फाल्गुनी बयार में मौका लेकर आया है आपके साथ आपके शहर के लिए भी। ब्लॉग लिखकर बताइए क्यों खास है फागुन में आपका शहर? खान-पान, रंगोत्सव, साहित्य-संगीत से जुड़ा कोई विशेष आयोजन, विशेष लोककथा-लोकगीत या इस माह में आपके शहर की अन्य कोई विशेषता आप अपने ब्लॉग के द्वारा लिखकर इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं। आप अपनी रचनाएं निम्न श्रेणियों में शामिल कर सकते हैं:


(i) फागुन से जुड़ी चर्चित लोक कथाएं/लोकगीत

(ii) परंपराएं/रीति-रिवाज

(iii) विशेष आयोजन/ विशिष्ट उत्सव/ साहित्य-संगीत से जुड़ा विशेष आयोजन

(iv) आधुनिकता का विशेष रंग (परंपरागत होली से अलग, खान-पान, रंगोत्सव या प्रेरणात्मक बदलाव आदि)


नियम एवं शर्तें

अवधि: 3 मार्च – 31 मार्च 2014

अर्हता: जागरण जंक्शन रीडर सेक्शन के सभी वर्तमान सदस्य इस प्रतियोगिता के लिए पात्र हैं।

प्रविष्टियां: प्रतियोगिता की अवधि में उपर्युक्त में किसी भी श्रेणी के अंतर्गत प्रविष्टियां देने के लिए यूजर स्वतंत्र हैं। एक से अधिक श्रेणियों में, एक से अधिक कितनी भी प्रविष्टियां शामिल कर सकते हैं।

नोट: केवल प्रतियोगिता की अवधि के दौरान प्रकाशित रचनाएं/प्रविष्टियां ही मान्य होंगी। यदि कोई प्रतियोगी किसी पूर्व प्रकाशित रचना को प्रतियोगिता में शामिल करना चाहता है तो इसके लिए यूजर को पूर्व में प्रकाशित उस रचना का लिंक ज्यों-की-त्यों पेस्ट करने की बजाय उसे दुबारा प्रकाशित कर उसके लिंक को शामिल करना होगा। अन्यथा रचनाएं स्वयं ही प्रतियोगिता से बाहर समझी जाएंगी।

भाषा: केवल हिंदी भाषा में प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी।


*ब्लॉग पोस्ट नियम:

-ब्लॉग प्रकाशित करते हुए कैटगरी में Contest सेलेक्ट करें या शीर्षक में हिंदी या अंग्रेजी में कॉंटेस्ट/Contest कॉंटेस्ट अवश्य लिखें।

-प्रतियोगिता के लिए प्रकाशित ब्लॉग (प्रविष्टि) पोस्ट का लिंक इस आमंत्रण ब्लॉग के रिप्लाई कॉलम में जाकर अवश्य पोस्ट कर दें।

सम्मान

उत्कृष्ट 10 रचनाओं को जंक्शन मंच पर सम्मानित किया जाएगा। रचनाओं का आंकलन और चुनाव शहर की विशेषताओं (चयनित श्रेणी के अंतर्गत) और उसे प्रस्तुत करने की रोचकता के आधार पर किया जाएगा जिसमें संपादक मंडल की अनुशंसा, अन्य ब्लॉगरों से प्राप्त सार्थक टिप्पणियों की संख्या तथा उनको मिले यूजर रेटिंग के आधार पर मूल्यांकन को वरीयता दी जाएगी।


अन्य:

-इस प्रतियोगिता में भारत समेत पूरे विश्व के प्रतियोगी हिस्सा ले सकते हैं।

-प्रतियोगिता की अवधि के दौरान पंजीकृत नए यूजर भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

-अभद्र, अश्लील, सामुदायिक, धार्मिक भावना को आहत करने वाले तथा व्यक्तिगत टिप्पणी या लांछन वाले ब्लॉग पोस्टस् को प्रतियोगिता के लिए अयोग्य समझा जाएगा।

-प्रतियोगिता के संबंध में किसी भी तरह के विवाद के लिए न्यायिक क्षेत्र ‘दिल्ली’ होगा.

-इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की समस्या/अन्य स्पष्टीकरण के लिए आप feedback@jagranjunction.com पर मेल कर सकते हैं।


नोट: प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आपको अलग से आवेदन करने या ब्लॉग बनाने की आवश्यकता नहीं है। जागरण जंक्शन पर पंजीकृत रीडर सेक्शन का कोई भी यूजर इसमें भागीदारी कर सकता है।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

Web Title : your city your voice blog contest



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23 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yamunapathak के द्वारा
March 28, 2014

आधुनिकता का विशेष रंग कांटेस्ट ज़िंदगी के फ़लसफ़ों में रंगी ‘होली’(contest) http://yamunapathak.jagranjunction.com/2014/03/20/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81/

Rajesh Kashyap के द्वारा
March 28, 2014

Holi Contest….वैश्विक संस्कृति में रची बसी होली! http://rkk100.jagranjunction.com/?p=723973 Dear Readers ! Please Give Your Comments for Special these Article. Thanks.

Rajesh Kashyap के द्वारा
March 28, 2014
    Rajesh Kashyap के द्वारा
    March 28, 2014

    Holi Contest….लिया देवर रंग घोल कै…

sadguruji के द्वारा
March 26, 2014

/ विशिष्ट उत्सव/http://sadguruji.jagranjunction.com/2014/03/26/%E2%80%98%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6/

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 24, 2014

  बचपन की फागुनी बाहर (परम्परा /रीति रिवाज़ )कांटेस्ट –निर्मला सिंह गौर

meenakshi के द्वारा
March 22, 2014

“कॉंटेस्ट “ परंपराएं/रीति-रिवाज “फागुनी बहार प्रतियोगिता” “ मैं कैसे खेलूँ पिया संग , पहली होली ‘पीहर’ में “ http://meenakshi.jagranjunction.com/2014/03/22/%e2%80%9c%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e2%80%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a4/

yamunapathak के द्वारा
March 20, 2014

आधुनिकता का विशेष रंग contest “होली है मन रही यहाँ भी वहाँ भी ” http://yamunapathak.jagranjunction.com/2014/03/20/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81/ साभार

drshyamgupta के द्वारा
March 17, 2014

फागुनी बहार … गीत ..( प्रविष्टि ) सखी री आया होली का त्यौहार…डा श्याम गुप्त …. drshyam jagaran blog

deepak pande के द्वारा
March 15, 2014
drshyamgupta के द्वारा
March 14, 2014

ग़ज़ल ( प्रविष्टि) आज होली है —डा श्याम गुप्त …

drshyamgupta के द्वारा
March 13, 2014

विशिष्ट आयोजन .प्रविष्टि …… आगरा में सरोजिनी नायडू चिकित्सा महाविद्यालय के १९६४ बैच के चिकित्सकों द्वारा फाल्गुनी माह में -८/९ मार्च २०१४ में अपने बैच की स्वर्ण-जयन्ती समारोह का आयोजन |

ashokshukla के द्वारा
March 12, 2014

होली के त्यौहार का मूलाधार (contest entry) http://ashokshukla.jagranjunction.com/2014/03/12/origine-of-holi/

संदीप के द्वारा
March 12, 2014

यह एक ऐसा मौसम है जहां हर कोई यह सोचता है कि अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा अनुभव ले जिसे वह पूरी जिंदगी याद रख सके. ऐसे अनुभव को आप किसी एक जगह पर हासिल नहीं कर सकते. इसके लिए आपको उन रिश्तेदारों के दरवाजों को खटखटाना होगा जो दूर किसी दूसरे शहरों और कस्बों में बसे हैं. वहां जाकर कुछ दिन बिताइए और बलदती आबोहवा को महसूस कीजिए.


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